उत्तराखंड में योग्य अधिकारियों की कमी अथवा कुंभ मेले से पहले होगा भ्रष्टाचार का बड़ा खेल
हरिद्वार। अर्धकुंभ जिसको राज्य सरकार द्वारा पूर्ण कुंभ का दर्जा दिया गया है। उसके आयोजन से पहले हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण में एक अधीक्षण अभियंता की प्रतिनियुक्ति पर सवाल खड़े हो रहे हैं सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उत्तराखंड में कोई योग्य अधिकारी नहीं है जिस कारण दूसरे राज्य से एक भ्रष्ट विभाग से संबंधित अधिकारी को उस पद पर नियुक्त किया गया।
सवाल यह भी है कि उत्तराखंड सरकार के शासनादेश और नियमों से ऊपर यह नियुक्ति किस कारण की गई है। मुख्यमंत्री धामी के जीरो टॉलरेंस नीति और डबल इंजन सरकार को आखिर कौन गुमराह कर ग्रहण लग रहा है कुंभ से ठीक पहले ऐसे अधिकारी की प्रतिनियुक्ति अपने आप में एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। यह सवाल खड़ा होना और लाज़मी बन जाता है जबकि प्रतिनियुक्ति मामले में शासनादेश 2025 में दिशा निर्देश के 5 वें बिन्दु पर स्पष्ट उल्लेख है कि जिन कार्मिकों की सेवानिवृत्ति में 05 साल का समय अवशेष रह गया हो ऐसे कार्मिकों को किसी भी दशा में बाहृय सेवा/प्रतिनियुक्ति/सेवा स्थानांतरण पर तैनाती प्रदान नहीं की जाएगी। बावजूद उसके उत्तराखंड सरकार और उच्च अधिकारी सभी इस निर्णय पर मौन है। यह साफ तौर पर सिस्टम की कार्यशैली की पारदर्शिता पर सवालिया निशान है।





