कोर्ट ने अपनाया सख्त रूख: पीआईएल में कोर्ट ने प्राधिकरण वीसी को हलफनामा दाखिल करने को कहा। साथ ही अब तक अशमनीय भाग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यूं नहीं हुई तथा वर्तमान स्थिति के विषय में भी जानकारी मांगी है।
हरिद्वार। रेलवे रोड शिवमूर्ति स्थित यह दक्ष होटल है पार्षद सुनील कुमार अग्रवाल का । इस होटल का निर्माण एच आर डी ए के भ्रष्ट अधिकारियों की सरपरस्ती में हुआ है। बताते चलें कि शिवमूर्ति स्थलीय का मानचित्र आवासीय की स्वीकृति है और मानचित्र स्वीकृति इस आधार पर दी गई थी कि नियमानुसार 72 प्रतिशत भवन का हिस्सा ध्वस्त होना था और उसके पश्चात विभागीय अधिकारियों को मौका स्थल का निरीक्षण कर विभाग से पूर्णता सार्टिफिकेट जारी किया जाना था । परन्तु भ्रष्टाचार में डूबे अधिकारीयों ने न सिर्फ मामले में अवैध होटल निर्माण पर मौन साध लिया ,बल्कि अवैध निर्माण की सुनवाई की कार्रवाई की फाइल भी बंद कर दी। अब मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है,बावजूद उसके विभागीय अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। आज की स्थिति परिस्थिति में अधिकारियों को न कानून का भय रह गया है और न गलत किए जाने पर कोई पश्चाताप। जीरो टालरेंस का सरकार का दावा अधिकारियों ने अपनी भ्रष्ट कार्यशैली से खोखला कर दिया है और सरकार इन अफसरशाहों की कठपुतली बन कर रही गई है और दक्ष होटल का निर्माण उसी की बानगी भर है।
अनाधिकृत होटल निर्माण के मामले में कनखल निवासी पत्रकार अनिल कुमार बिष्ट ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमे 8 अप्रैल को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने सख्त लिहाजे में हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण, हरिद्वार के उपाध्यक्ष को अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने और यह बताने के लिए कहा है कि क्या भवन का अशमनीय हिस्सा अभी भी अस्तित्व में है और यदि हां, तो इसे अब तक ध्वस्त क्यों नहीं किया गया है।
एच आर डी ए के वकील द्वारा प्रार्थना के अनुसार, उन्हें प्रति-शपथ पत्र दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। मामले में अगली सुनवाई 04 मई को सुनवाई होनी है। जिसके बाद से बिल्डर नेता सहित प्राधिकरण में हड़कंप मचा हुआ है




