हरिद्वार। श्यामपुर क्षेत्र में नियमों को दरकिनार कर हाईटेंशन लाइन के नीचे कॉलोनी काटे जाने का मामला सामने आया है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि भूमाफियाओं ने पहले ही हरे-भरे आम और लीची के बाग को काट दिया था और अब उसी जमीन पर कॉलोनी विकसित कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार बागों के हरे भरे पेड़ों को काटने के लिए अनुमति की आड़ ली गई, लेकिन वास्तविकता में बड़े पैमाने पर पेड़ों का सफाया कर प्लॉटिंग की गई। हैरानी की बात यह है कि उद्यान विभाग ने इस पूरे मामले में महज औपचारिक कार्रवाई करते हुए कुछ राजस्व वसूल कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली। मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर हाईटेंशन लाइन के नीचे किसी भी प्रकार का निर्माण या कॉलोनी विकसित करना नियमों के विरुद्ध होने के बावजूद विभागीय कार्रवाई क्यों शून्य है। सूत्रों का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में भू-माफिया की ऊंची पहुंच और प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत सामने आ रही है, जिसके चलते नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनी काट दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के अवैध निर्माण न सिर्फ नियमों की खुली अवहेलना हैं, बल्कि भविष्य में बड़े हादसों को भी आमंत्रण दे सकते हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या सख्त कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही सिमटकर रह जाएगा।





