देवी की आराधना एवं सम्मान का पर्व है नवरात्रि- महंत निर्मल दास
हरिद्वार। मां गौ गंगा धाम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत निर्मल दास महाराज ने कहा है कि मां भगवती की आराधना से हम सभी इस लोक में सुख का अनुभव करते हैं। इच्छापूर्णि मां भगवती जगत की अधिष्ठात्रि देवी है। भक्तों की सूक्ष्म आराधना से ही प्रसन्न होकर उन्हें मनोवांछित फल प्रदान करती हैं। श्री तारकेश्वर धाम में तीसरे नवरात्र पर श्रद्धालु भक्तों को मां की अराधना का महत्व बताते हुए महंत निर्मल दास महाराज ने कहा कि मां की उपासना से व्यक्ति में तप, त्याग, संयम एवं सदाचार की वृद्धि होती है। जीवन के कठिन से कठिन समय में भी व्यक्ति अपने पथ से विचलित नहीं होता है। इसलिए मां भगवती परम कल्याणकारी है। उन्होंने कहा कि माता की शक्ति के प्रभाव से जीवन की सारी विपदाएं दूर होती हैं। वास्तव में नवरात्रि का समय देवी शक्ति के सम्मान और भक्ति में लीन रहकर आशीर्वाद प्राप्त करने का शुभ अवसर है। माता के सभी स्वरूपों की सात्विक मन से आराधना करने पर व्यक्ति का जीवन धन-धान्य, सुख समृद्धि, यश-वैभव से परिपूर्ण हो जाता है। महंत निर्मल दास महाराज ने कहा कि नवरात्रि में प्रत्येक व्यक्ति को यदि माँ की कृपा का पात्र बनना है तो माँ स्वरूप बालिकाओं का पूजन अवश्य करना चाहिए। कन्या पूजन से देवी भगवती अति प्रसन्न होकर साधक को अमोघ फल प्रदान करती हैं। इस अवसर पर आचार्य रामचंद्र,आचार्य प्रकाश उप्रेती, पंडित सचिन शर्मा, पंडित योगेंद्र मिश्रा, पंडित अजीत त्रिपाठी मौजूद रहे।





